युवा संसद से बदलेगी सामाजिक परिदृश्य : मणि भूषण झा

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डेस्क की तरफ से

हिसार गांव निवासी मणिभूषण झा द्वारा नोटबंदी पर भाजपा थिंकटैंक लोक नीति शोध संस्थान से किये गए शोध को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने रिलीज किया था! भारतीय जनता पार्टी के थिंकटैंक लोक नीति शोध संस्थान में शोधकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हरलाखी प्रखंड के हिसार गांव निवासी मणिभूषण झा अब अपने चाणक्य पॉलिसी फाउंडेशन के जरिये बिहार के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को युवा सांसद के माध्यम से जोड़कर युवाओं की बात सरकार के पास रखने का करेंगे। जिसको लेकर चाणक्य नीति राष्ट्रीय युवा सांसद व चाणक्य नीति ग्रामीण संसद के माध्यम से प्रदेश की विकास व निदान पर चर्चा करेंगे। उसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौपा जाएगा।
मधुबनी जिले के एक छोटे से गांव हिसार से देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर अपने बुते पर तय करने वाले मणि भूषण झा वर्तमान में एमिटि लॉ स्कूल देल्ही से कानून की पढ़ाई कर रहे है। सुखद आश्चर्य है कि अपने परिवार में पहले ग्रैजुएट होने का गौरव भी इन्हें ही हासिल हुआ है। इन्होंने राजनितिक व सामाजिक हालात पर कई शोध भी किये है। जिसमे नोटबंदी का नक्सली आंदोलन पर पड़े प्रभाव पर किये गए शोध को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने दिल्ली में हाल ही में रिलीज किया है।
चाणक्य पॉलिसी फाउंडेशन के संस्थापक होने के नाते अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में चाणक्य नीति राष्ट्रीय युवा संसद, चाणक्य नीति ग्रामीण संसद और चाणक्य युथ कॉन्क्लेव के जरिये करीब 17000 युवाओं का एक युवा नेटवर्क संस्था से जुड़ा हुआ है। संस्था का मुख्य उद्देश्य लोक नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है। बिहार के विभिन्न स्कूल और कॉलेज विधि जागरूकता वर्कशॉप भी करवाया गया है।
जानकारी दे कि हाल ही में भारत सरकार में युवा और खेल मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दिल्ली में मोदी फ़ॉर पी एम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में मणि भूषण झा को चाणक्य पॉलिसी फाउंडेशन के जरिये युवाओं के बीच काम करने के लिए विशिष्ट युवा पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया है। आगे इनकी तैयारी देश के विभिन्न हिस्सों में युवा संसद और ग्रामीण संसद से लोगों को जोड़ने के बाद अपने क्षेत्र के गांवों में विभिन्न विषयों पर शोध कर वहां के लोगों के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करना है। युवा संसद एक उच्च्तम प्लेटफार्म है। जिसमे युवाओं को अपनी सोच को विकसित करने का और समाज निर्माण में अपना योगदान देने का मौका मिलेगा। इसको बिहार और खास कर मिथिलांचल क्षेत्र में लोगों के लिए यह प्लेटफार्म विकसित करना एक लक्ष्य है।
मणिभूषण बताते है कि दिल्ली प्रवास के दौरान गरीब बच्चों को पढ़ाने के क्रम में मेहनत कश मजदूरों को देखकर मन में कुछ नया करने का विचार आया। लगा कि मन में लगन हो तो कोई कितने भी कठिन काम कर सकता है। इसी प्रयोग के तहत हमने चाणक्य को याद करते हुए उनके नाम पर एक स्वयं सेवी संस्था बनाया। इसके माध्यम से ना सिर्फ युवाओं को लोकनीति बनाने में अपना सहयोग देने के लिए एक प्लेटफार्म मिला है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में जानने का मौका भी मिलेगा।