यहां पहले दिन खुलता माता का पट , मनोकामना देवी के रूप में है प्रख्यात 

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पदमाकर सिंह लाला ,समस्तीपुर

शक्ति की अधिष्ठात्री माता दुर्गा की पूजा अर्चना बुधवार को कलश स्थापना के साथ ही शुरू हो गया ।इस दरम्यान विभिन्न माता मंदिरों व घरों में पूरे निष्ठा के साथ वैदिक अनुगूंज के बीच मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई है ।आमतौर पर शारदीय नवरात्रा के दौरान निशा पूजा यानी अष्टमी तिथि को माता के पट खुलने की परंपरा है ।लेकिन इससे इतर समस्तीपुर जिले के विघापतिनगर प्रखंड अंतर्गत हरपुर बोचहा गांव में वर्षों से चली आ रही परम्परा व मान्यता के अनुसार कलश स्थापना के बाद से ही माता का पट खोल दिए जाते है ।आज बुधवार को नवरात्रा के प्रथम दिन ही परंपरा के अनुसार माता का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ मन्दिर परिसर में जुट गयी। पुजारी रजनीश कुमार तिवारी कहते है कि वर्षों से यहां कलश स्थापना के बाद माता का पट श्रद्धालुओं के लिये खोल दी जाती है। यहां देवी दुर्गा के साथ बीस अन्य देवी देवताओं की पूजन व अराधना की परम्परा रही है। जो भक्तों के लिये किसी अद्भुत व अलौकिक  आकर्षक से कम नहीं रहता है।
स्थानीय पत्रकार विपुल कुमार सिंह कहते हैं कि नवरात्र के दौरान सुबह से ही दुर्गा सप्तशती पाठ व वैदिक मंत्रोचार की अनुगूंज भक्तों को आकर्षित करती है तो संध्याकालीन आरती में जुटी महिलाओं की भीड़ भक्तिभाव की पराकाष्ठा को इंगित करती है। इधर पुरानी दुर्गा मंदिर, मऊ बाजार, वैष्णवी दुर्गा मंदिर मऊबाजार,शेरपुर,बाजिदपुर, कांचा, मनियारपुर, विद्यापतिनगर आदि जगहों पर कलश स्थापना के बाद पूजा पंडालों में भक्तिमय वातावरण बना रहा।