मधुबनी: नशे का एक ऐसा अड्डा जो अस्पताल की तरह देता है 24 घंटे सेवा !

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वरुण कुमार की रिपोर्ट

एक तरफ जहां बिहार नशा मुक्ति को लेकर नित नए आयाम गढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ एक तबका इसे विफल करने का प्रयास कर रहा है। मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड में एन एच 104 के बगल में एक गांव है कसेरा। यहां पीपल के नीचे एक छोटी सी दूकान है जहाँ नशे का मेन्यू मिलता है. सुबह में भांग मिलता है जो कि मजदूर तबके के लोग पसंद करते हैं, इससे उनके जेब पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता है। दोपहर के मेन्यू में गांजा है, जिसके ग्राहक नेपाल से आते हैं। ये शिफ्ट शाम तक चलता है।

दुकान अस्पताल की तरह 24 घंटे सेवा देती है सड़क किनारे ये दुकान कई साल से चल रही है जिस पर ना प्रशासन की नजर जाती है न मीडिया की। दुकानदार मौजे कामत इसी गाँव के निवासी हैं। खेद इस बात का है कि दूकान से महज 50 मीटर की दूरी पर एक प्राथमिक विघालय भी है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी बिस्किट चॉकलेट खरीदने दुकान पर जाते हैं जिनके ऊपर बुरा असर पड़ सकता है। गांजे की धुएँ के कारण आसपास का वातावरण दूषित रहता है इसका आसपास रहने वालों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।