“न्यू इण्डिया” में दबे रहना दलितों और आदिवासियों की नियति है: मिसा भारती

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महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मंगलवार को देशभर में वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर छापेमारी की। पुणे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस के घरों पर छापेमारी और गिरफ्तारी किया। वाम दलों, कांग्रेस और राजद ने इस घटना पर सरकार की निंदा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किए है।

इस गिरफ्तारी के बाद कई विपक्षी पार्टियों समेत लेफ्ट दलों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तंज कसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने कहा कि ‘शिकायत करे उसे गोली मार दो। यही है न्यू इंडिया।’ इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि ‘भारत में सिर्फ एक एनजीओ के लिए जगह है और इसका नाम आरएसएस है, बाकी सभी एनजीओ बंद कर दो। सभी एक्टिविस्टों को जेल में भेज दो और जो लोग शिकायत करें, उन्हें गोली मार दो। न्यू इंडिया में आपका स्वागत है।”

बिहार से राज्यसभा सांसद और राजद नेत्री ने मिसा भारती ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दिया है। उन्होंने कहा कि “देश में दलित-आदिवासी हित की जो आवाज़ उठाएगा, वह #NewIndia में आतंकवादी कहलाएगा क्योंकि मनुवादानुसार दबे रहना दलितों और आदिवासियों की नियति है।”