विपक्ष नहीं चाहती है कि हो पिछड़ों का विकास: नित्यानंद राय

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भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद ने कहा कि 27 सालों से ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया जाना विपक्ष की साजिश है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की कोशिश कर रहे हैं तो विपक्ष जान बूझकर उसमें अड़ंगा लगा रहा है। गुरुवार को लोकसभा में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए पेश किए गए बिल पर अपने विचार रखते हुए नित्यानंद राय ने उक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि एनडीए का लोकसभा में बहुमत है। राज्यसभा में विपक्ष के पास बहुमत है तो उसका विरोध किया गया और यह विधेयक पारित नहीं हो सका। नित्यानंद राय ने कहा कि विपक्ष की मंशा है कि किसी तरह पिछड़ों को आयोग नहीं बन सके। आयोग बनने पर आरक्षण के अधिकार पर होने वाली लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

प्रधानमंत्री चाहते हैं कि पिछड़ों वंचितों का सम्मान और अधिकार के साथ विकास हो। आजादी के बाद से कांग्रेस ने पिछड़ों की समस्याओं की अनदेखी की। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने अनुसूचित जाति–जनजाति के साथ पिछड़ों के न्याय और अधिकार के लिए संविधान में प्रावधान किया। संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत पिछड़ों के हालात पर विचार के लिए काका कालेलकर आयोग का गठन किया। आयोग ने पिछड़ों के लिए नौकरियों में आरक्षण सिफारिश की तो जवाहर लाल नेहरू की सरकार ने इसे खारिज कर दिया था।