जिला प्रशासन ने कहा कि, शौच करते पकड़ें गये लोगों को मिलेगी सज़ा, गांव वाले में मचा हड़कंप!

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मोहम्मद हसनैन की रिपोर्ट-

शिवहर जिला में शौचालय में शौच करने तथा जिन घरों में शौचालय नहीं है उन घरों में शौचालय बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने नया तरकीब निकाला है। पिछले 3 दिनों से जिला पदाधिकारी अरशद अजीज के नेतृत्व में जिला प्रशासन के सभी वरीय पदाधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी सहित सभी पदाधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों तथा सड़क किनारे जहां पर आम लोग शौच करते हैं वहां जाकर शौच करने वाले को रोकते हैं तथा समझाते हुए शौच करने के लिए शौचालय का उपयोग करने का प्रेरित करते हैं । जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को टॉर्च लेकर रतजगा करने को आदेश निर्गत किया है। चाहे उप विकास आयुक्त मोहम्मद वारिस खान हो , अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद आफाक अहमद या जिला योजना पदाधिकारी उमा शंकर पाल हो, चाहे डीसीएलआर मोहम्मद शार्दुल हसन खान हो या ओएसडी पुलिस से जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों के साथ साथ मनरेगा के कर्मियों, प्रोग्राम पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी को जिले के सभी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग सड़क किनारे शौच करते हैं वहां जाकर भोर से ही खड़े होकर टॉर्च जलाकर सड़क पर शौच करने से रोकते हैं तथा आसपास के गांव में जाकर खुले में शौच ना करने तथा शौचालय में शौच का प्रयोग करने का अपील करते हैं, जिला पदाधिकारी से लेकर जिले के सभी पदाधिकारियों के द्वारा रतजगी करते हुए तथा शौचालय का उपयोग करेंगे जिला प्रशासन के द्वारा ओडीएफ करने को लेकर काफी प्रयास किया गया ,कई पंचायतों को ओडीएफ भी किया गया, परंतु जिला के 53 पंचायत में आज भी लोग शौच सड़क किनारे ही करते हैं शौचालय बनाने के बावजूद भी शौच का उपयोग करना खुले में लोगों की मानसिकता है जिस को बदलने को लेकर जिला पदाधिकारी के द्वारा नया तरकीब निकाले है। इससे पूर्व सरकार द्वारा अनुदान के तौर पर 12000 शौचालय बनाने के लिए दिया जाता था कई पंचायत के जागरुक मुखिया के द्वारा बनाया भी गया पर सार्थक नहीं हुआ, कितने पंचायत के मुखिया द्वारा बनाए गए शौचालय का अभी तक भुगतान भी लंबित है जिस कारण मुखिया भी हाथ खड़े कर चुके है। कुछ महीने पहले जिला पदाधिकारी ने भी एक तरकीब निकाली थी शौचालय के लिए गड्ढा खोदे ताकि ग्रामीण मजबूर बस शौचालय बना सकें परंतु वह सार्थक विफल रहा ,जिला प्रशासन के द्वारा तकरीबन 28000 शौचालय के लिए गड्ढे खोदे गए आज परिस्थिति ऐसी है कि उन गड्ढों में पानी जमघट होने के कारण घर वालो को बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है पानी के जमघट होने के कारण मच्छर बीमारियां फैल रही है। अब यह नया तरकीब खुले में शौच करते हुए को जिला प्रशासन की तरफ से पकड़ा जा रहा है तथा समझाया जा रहा है कि शौचालय बनाए जिन लोग शौचालय बनाए हैं वह लोग शौच का उपयोग करें यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। खुले में या खेत में शौच करते हुए पकड़े जाने पर लोग लज्जित भी हो रहे हैं तथा प्रशासन को आश्वासन दे रहा है कि हम सिगरी शौचालय बनाएंगे तथा शौचालय का उपयोग करेंगे। मौजूदा समय में गरीब तबके के लोगों के पास जिनके पास रहने के लिए घर बडी मुश्किल से है वह कैसे शौचालय बनाएंगे, 2 जून की रोटी के लिए जद्दोजहद कर रहे गरीब व्यक्ति जिनके पास मात्र एक कमरा है वह कहां शौचालय बनाए यह बड़ी समस्याएं हैं ऐसे में शौच करने सड़क पर जाने के लिए विवश है। खासकर महिलाओं के लिए तो या बड़ी कठिन समस्या है कई ग्रामीणों सहित समाज के प्रबुद्ध जनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक गांव में एक सार्वजनिक शौचालय बनाए ताकि खुले में शौच से मुक्ति मिल सके ,तभी पंचायती राज का सपना पूरा हो सकेगा, तथा प्रत्येक गांव में सार्वजनिक शौचालय बन जाने के उपरांत ही खुले में शौच से मुक्ति मिल पाएगी । कुछ ग्रामीणों ने बताया है कि” बाबा ना” अब हम सड़क पर शौच नहीं करेंगे, नहीं तो किस समय कौन पदाधिकारी आकर पकड़ ले कहना मुश्किल है। अब तो महिलाओं के भी शौच करने जाने के लिए डर लगने लगा है ,जिन महिलाओं के घर पर शौचालय नहीं बना है आखिर इस समय वह कहां जाए कई लोगों ने बताया है कि शौचालय न करने के कारण महिला कुंठित हो रही है लेकिन शौच भी जरूरी है नहीं तो पेट में कब्जियत होने का डर है ऐसे में जिला प्रशासन के तरफ पैनी निगाहों से अब देखना शुरु कर दिया है।