बिहार बंद: सड़क और रेल परिचालन बाधित

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बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुए यौन शोषण की घटना के विरोध में और नीतीश सरकार के दो मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर वामपंथी पार्टियों ने आज ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया है। बंद को राजद, कांग्रेस, हम, समाजवादी पार्टी और लोकतांत्रिक जनता दल ने भी खुला समर्थन दिया है। बंद के समर्थन में विपक्षी दल के समर्थक व कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर निकल गए हैं। बिहार बंद का पूरे राज्य में असर देखने को मिल रहा है। गया, जहानाबाद, शेखपुरा, नालंदा, दरभंगा में वाम दलों के समर्थको ने ट्रेन रोक रखा है तो कई जगहों पर सड़क यातायात भी पूरी तरह से बाधित है।

बंद समर्थक जगह-जगह सड़कों पर निकल गए हैं। नवादा में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। उधर,सीवान में भी सीपीएम कार्यकर्ताओं चक्का जाम कर दिया उनके साथ राजद भी इस बंदी में है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने जेपी चौक पर ट्रक खड़ा कर यातायात बाधित कर दिया। बंद का असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। जहानाबाद में बंद समर्थकों ने पटना-रांची जनशताब्दी एक्‍सप्रेस को रोका तो दरभंगा में राजद और माकपा कार्यकर्ताओं ने बिहार संपर्क क्रांति को रोक दिया।

बीजेपी ने वाम दलों के बिहार बंद का विरोध किया है। बिहार के कृषि मंत्री और बीजेपी नेता प्रेम कुमार ने आरोप लगाया की आरजेडी, वामदलों के साथ मिलकर बंद के जरिए जनता को प्रताड़ित करना चाहती है।

इधर माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि बिहार बंद को सफल बनाने के लिए जनता भरपूर सहयोग कर रही है। बिहार व केंद्र की एनडीए सरकार में दलितों, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों पर अत्याचार बढ़ा है। नीतीश सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाकपा के सचिव सत्य नारायण सिंह ने कहा कि बिहार बंद को सफल बनाने के लिए महागठबंधन समेत अन्य दलों ने जो समर्थन दिया है, उसके लिए हम आभार प्रकट करते हैं।