पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के बाद अब बिहार का ये शहर बनेगा ’स्मार्ट सिटी’, जानिए

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नई दिल्ली। देश के सौ शहरों को स्मार्ट बनाने के प्रधानमंत्री के सपने की सूची में अब बिहार का एक और शहर शामिल हो गया है। शुक्रवार को जारी सूची में केन्द्र सरकार की ओर से बिहार के प्राचीन शहर बिहारशरीफ को शामिल किया गया है। इसके साथ बिहार से चार शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई। स्मार्ट सिटी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हुई पहले चरण की प्रतियोगिता में जहां भागलपुर का चयन हुआ था, वहीं तीसरे चरण में पटना और मुजफ्फरपुर को केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी बनाने की मंजूरी दी थी। वहीं शुक्रवार को आखिरी चरण के लिए हुई 20 शहरों की प्रतियोगिता में महज 13 शहरों ने प्रतिभाग किया, जिसमें 10 शहरों को जगह मिली।

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आपको बता दे कि दूसरे और तीसरे चरण के प्रतियोगिता में बाहर होने के बाद चैथे चरण में बिहारशरीफ ने अपनी जहग बना ली। इस प्रतिस्पर्धा में देश के जिन शहरों ने प्रस्ताव भेजकर अपना दावा ठोंका था, उन्हे प्रतिस्पर्धा में कमजोर पाए जाने पर खारिज कर दिया गया। वहीं इस अंतिम प्रतिस्पर्धा में उत्तर प्रदेश से बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर को जगह मिल गई है। लेकिन गाजियाबाद, रामपुर, रायबरेली और मेरठ को मन मारना पड़ा। राज्य सरकार ने इस शहरों को शामिल कराने का प्रस्ताव भेज रखा था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिस्पर्धा में ये प्रस्ताव मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।

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इस बारे में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्मार्ट शहरों की अंतिम सूची में शामिल शहरों के नामों का ऐलान करते हुए बताया कि पहला स्थान दादरा नगर हवेली की राजधानी सिल्वासा को दिया। बाकी अन्य शहरों में तमिलनाडु के इरोड, दमन दीव के दीव, बिहार के बिहार शरीफ, उत्तर प्रदेश के बरेली, अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर, उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद, सहारनपुर और लक्ष्य दीप के कवारात्ती के नाम शामिल हैं। बता दे कि शिलांग का प्रस्ताव नहीं आने से उसे फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

पुरी ने बताया कि चयनित इन नौ शहरों के लिए 12000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इन नौ शहरों के लिए 400 से अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इन्हें पूरा करने में होने वाले खर्च में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 61.25 फीसद रहेगी। कुल 99 शहरों का चयन किया जा चुका है। इन सभी 99 शहरों के विकास के लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। पूर्व में चयनित 90 शहरों में से 83 में विशेष कंपनी (एसपीवी) का गठन के साथ सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है।

वहीं एक सवाल के जवाब में ं पुरी ने कहा कि ज्यादातर स्मार्ट शहरों में परियोजनाएं जमीन पर दिखने लगी हैं। आठ से ज्यादा स्मार्ट शहरों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तक स्थापित हो चुके हैं। स्मार्ट सिटी मिशन ने रफ्तार पकड़ ली है।

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