बिहार: एसएसी-एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर, दरभंगा में फायरिंग…

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केंद्र सरकार द्वरा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटकर एसएसी-एसटी कानून के शंसोधन के विरोध में एवं आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर सवर्ण संगठनों के भारत बंद का राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में व्यापक असर रहा। बिहार में बंद के दौरान जमकर तोडफ़ोड़, पथराव और फायरिंग हुई। ज्यादातर सरकारी और गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान और कार्यलय बंद रहे। बीआरए बिहार विवि के स्नातक पार्ट वन की दूसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई। मुजफ्फरपुर में सांसद पप्पू यादव के काफिले पर पथराव किया गया।

उत्तर बिहार में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। दरभंगा में मारपीट, तोडफ़ोड़ व फायरिंग हुई। दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर छह घंटे तक ट्रेनें नहीं चलीं। वहीं जिले के फेकला ओपी के हरिपट्टी और बिशनपुर ओपी के पंचोभ पंचायत में मारपीट व रोड़ेबाजी हुई। हरिपट्टी में एक पक्ष के द्वरा गोली चलाने और ओपी प्रभारी निर्मल राम को बंधक बना लेने की खबर भी मिली है। पूर्वी चंपारण में के मोतिहारी शहर के गांधी चौक पर सीओ से नोकझोंक हुई। अस्पताल के पास पुलिस ने बल प्रयोग किया। मधुबनी में इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोकी गई। समस्तीपुर में निजी शिक्षण संस्थान बंद रहे। पश्चिम चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी में भी दुकानें पूर्णत: बंद रहीं।

बंद का पूरे बिहार में असर दिखा। पटना, बक्सर, आरा, सासाराम, वैशाली, छपरा, सिवान, गोपालगंज, बेगूसराय, औरंगाबाद, नवादा, गया, जहानाबाद, नालंदा, दरभंगा आदि जिलों में बंद समर्थकों ने रेल और मुख्य मार्गों को बाधित कर विरोध जताया। कहीं-कहीं आगजनी कर यातायात को प्रभावित किया गया। जानकारी के मुताबिक जहनाबाद के वैना गांव में सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों ने एएसपी संजीव कुमार पर हमला कर दिया जिसमें वो घायल हो गए हैं। नवादा में भी सवर्ण सेना के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई है जिसमें दस से ज्यादा लोग घायल हो गए। उधर आरा में पुलिस के स्वाट दस्ते ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

बंद के दौरान पुलिस और बंद समर्थकों के बीच झड़प भी हुई। भोजपुर में बंद समर्थकों ने फायरिंग की तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। विभिन्न जिलों में सैकड़ों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। बंद समर्थकों ने घूम-घूमकर दुकानें भी बंद कराईं। मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों ने सांसद पप्‍पू यादव के काफिले पर तथराव कर दिया। इस दौरान वे फूट-फूटकर रोने लगे। कहा कि यहां जाति पूछकर पिटाई की गई।

वहीं कोसी-सीमांचल में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्णों के भारत बंद का मिला-जुला असर रहा। पूर्णिया , सुपौल में कई जगहों पर दुकानें बंद रहीं। सहरसा में बंद का खासा असर देखा गया। इस दौरान जानकी एक्सप्रेस को भी बंद समर्थकों ने लगभग पौन घंटे तक रोके रखा। बंद समर्थकों ने पतरघट-मधेपुरा, सहरसा-सिमरी-बख्तियारपुर व सुपौल-सहरसा मार्ग को भी जाम किया।