IRCTC घोटाला: लालू एंड फैमिली को बड़ा झटका, कोर्ट ने दिए आदेश…

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राजद सुप्रीमों लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यवाद को दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले मामले में समन जारी करते हुए 31अगस्त तक कोर्ट में पेश होने का समय दिया है। इस मामले लालू परिवार के इन तीन सदस्यों के अलावा 11 और लोग भी आरोपी है, कोर्ट ने उन सबों को भी कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।

सीबीआई ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल किया है। इस मामले में पहले से ही आठ लोगों के नाम दर्ज थे, जिसमें 6 अन्य नाम भी जोड़े गए हैं। आईसीटीसी केस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू और राबड़ी यादव, तेजस्वी यादव का नाम शामिल है। तेजस्वी यादव के खिलाफ पहली बार चार्जशीट फाइल की गई है। इस केस में सरला गुप्ता पत्नी प्रेम गुप्ता, विजय और विनय कोचर (होटल चाणक्य के मालिक) और आईआरसीटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर पी के गोयल का नाम भी दर्ज है। आईआरसीटीसी के डायरेक्टर राकेश सक्सेना, जनरल मैनेजर बी के अग्रवाल और लालू के करीबी रहे प्रेम गुप्ता का नाम भी चार्जशीट में शामिल है।

क्या है पूरा मामला

लालू यादव 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल को रख-रखाव और इम्प्रूवमेंट के लिए आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया था। इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रॉसेस में नियम-कानून को बड़े स्तर पर ताक पर रखा गया था।

आरोप है कि इसके एवज़ में 25 फरवरी 2005 को कोचर ने पटना की बेली रोड स्थित 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1।47 करोड़ रुपए में बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1।93 करोड़ रुपए थी। इसे कृषि भूमि बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया, स्टाम्प ड्यूटी में गड़बड़ी की गई।

बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी लालू की फैमिली की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था। एफआईआर में कहा गया है कि कोचर ने जिस दिन ज़मीन डीएमसीएल को बेची गई उसी दिन रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को उसे बीएनआर होटल्स सौंपे जाने के अपने फैसले के बारे में बताया।