बिहार के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए नीतीश ने दिए इतना करोड़ रूपया जानिए

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बिहार के उन जिलों पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दयावान हो उठे | जिन जिलों में नक्सल गतिविधायां बहुत ज्यादा होती है | साथ ही सरकार ने सूखे और बाढ़ की मार झेलने वाले प्रदेश के किसानों की डीजल सब्सिडी में सरकार ने बड़ी वृद्धि की है। किसानों को डीजल सब्सिडी के रूप में अब 35 रुपये की बजाय 40 रुपये दिए जाएंगे। सब्सिडी एक एकड़ क्षेत्र में एक सिंचाई के लिए अधिकतम दस लीटर डीजल पर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी । नीतीश के मंत्रिमंडल ने अत्याधिक वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित जिलों के लिए विशेष सहायता के रूप में दो वित्तीय वर्ष में खर्च करने के लिए 296.64 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी। इस घोषणा के बाद नक्सल प्रभावित इलाके में खुशी की लहर दौर गई है | क्योंकि उन इलाकों के लोगों को हो रही परेशानी से इस बजट के जरिए निपटा जा सकेगा | साथ ही इस बैठक में राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर बात हुई | कैबिनेट के विशेष सचिव यूएन पांडेय ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2018-19 में अनियमित बाढ़, सूखे जैसी आपदा को देखते हुए धान, गेहूं, मक्का, दलहनी, तेलहनी फसल, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुंगधित पौधों की सिंचाई के लिए दी जाने वाली डीजल सब्सिडी को बढ़ा दिया गया है। पहले किसानों को 35 रुपये डीजल सब्सिडी दी जा रही थी। लेकिन अब इसे मंत्रिमंडल ने बढ़ाकर 37 रुपये करने का था । लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रस्ताव था कि सब्सिडी को बढ़ाकर 40 रुपये किया जा सकता है । जिस पर कैबिनेट ने सहमति दे दी। और ये भी किसानों के हित में आ गया | मंत्रिमंडल ने डीजल अनुदान के लिए 60 करोड़ और आकस्मिक फसल योजना के लिए 15 करोड़ कुल 75 करोड़ रुपये व्यय की अनुमति भी दी।

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सरकार ने वामपंथ प्रभावित जिलों औरंगाबाद, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, बांका और नवादा को विशेष सहायता मुहैया कराने के इरादे से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 163.32 करोड़ व 2019-20 के लिए 133.64 करोड़ रुपये दिए हैं। जिससे इन जिलों की कायाकल्प बदल सकेगा | और राज्यों की जो छवि इस जिलों को लेकर बनी हुई है उससे निपटा जा सकेगा |

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