MSU के मिथिला बंद का असर शहर से लेकर गॉव तक दिखाना शुरू

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बिहार के मिथिला क्षेत्र में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के दवरा आहूत बंद का असर दिखाना शुरू हो गया है। दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल और झंझारपुर में इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।

आपको बता दें कि यूनियन मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए ‘मिथिला विकास बोर्ड’ की गठन की मांग को लेकर इस बंद का आवाहन किया है। दरभंगा मधुबनी के सभी प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संसथान, और दूकान व् माल बंद का समर्थन करते हुए स्वत: बंद रखा है।

कलुआही में बंद करते कार्यकर्त्ता

शहर से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक बंद का असर देखा जा रहा है। सभी प्रमुख सड़क को बंद कर दिया गया है। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डोनर चौक पर बंद समर्थक

दरभंगा समस्तीपुर स्टेट हाईवे को विशनपुर में बंद कर दिया गया है।

बिशनपुर में दरभंगा समस्तीपुर पथ को जाम करते बंद समर्थक

यूनियन के राष्ट्रिय प्रवक्ता विद्या भूषण राय ने बतया कि परीक्षा देने वालों छात्रों को नहीं रोका जा रहा है। उन्हें एडमिट कार्ड देखकर जाने दिया जा रहा है।

यूनियन के पदाधिकारी ‘मिथिला विकास बोर्ड’ के गठन से इन मांगो की पूर्ति आसानी से होने की बात कह रहे हैं:-

1: मिथिला या उत्तर बिहार 20 जिलों को विकसित करना
2: AIIMS, IIT, IIM IT PARK TEXTILE PARK की स्थापना
3: स्पेशल एजुकेशन जोन(sez) तथा सभी जिलों में मेडिकल और इंजिनयरिंग कॉलेज की स्थापना
4: बंद उद्योग-धंधा को पुन: चालू करना( चीनी, जुट, पेपर,खाद,सूत, खादी भंडार, सिल्क उद्योग)
5:बाढ़ और सुखार से मुक्ति के लिए कमिटी का गठन
6: सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना व् उपलब्ध यूनिवर्सिटी में अच्छी सुविधा
7: बेहतर हवाई, रोड, रेल नेटवर्क की सुविधा
8: टूरिज्म, कल्चर और भाषा के संवर्धन हेतु बजट
9: कृषि आधारित उद्योग डेरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन आदि के लिए व्यापक कार्ययोजना
10: महिला शक्तिकरण हेतु जिला स्तर पर व्यापक मेनुफेक्चरिंग चेन की स्थापना