नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को बताया ‘भविष्य’, अटकलों का बाजार गर्म

Advertisement

जदयू की राज्य कार्यकारिणी की पटना में हो रही बैठक में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी की सदस्‍यता ग्रहण की। पार्टी में उनका स्‍वागत मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार ने ‘भविष्य’ बताया है। राजनितिक हलकों में उनके इस बयान का मतलब ये निकाला जा रहा है कि कहीं नीतीश कुमार उन्हें अपना उत्तराधिकारी के रूप में तो नहीं देख रहे हैं।

उन्‍होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन तथा 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम किया है। 2014 के लोकसभा चुनाव को ‘मोदी लहर’ में बदलने तथा 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद महागठबंधन को जीत दिनाले का श्रेय उन्‍हें ही दिया जाता रहा है। प्रशांत किशोर को महागठबंधन की नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था।

मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के निवासी प्रशांत किशोर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं। चुनावी रणनीतिकार बनने के पहले उन्‍होंने यूनिसेट की ब्रांडिंग टीम में काम किया था। ठीक आम चुनाव के पहले उनकी जदयू में एंट्री से यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारेगी। बतया तो यह भी जा रहा है कि उन्हें बक्सर से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। इससे बक्सर के वर्तमान सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

जदयू राज्‍य कार्यकारिणी की बैठक जारी है। इसमें पार्टी द्वारा चिह्नित सीटों के संबंध में वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। राजग के अंदर तालमेल में पार्टी को कितनी सीटें मिलनी चाहिए, इस पर भी चर्चा हो रही है। बैठक सुबह 11 बजे से मुख्‍यमंत्री आवास पर हो रही है। बीते 12 जुलाई को नीतीश कुमार की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद जदयू की यह पहली बड़ी बैठक है।

आपको बता दें कि उनके लम्बे समय से उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे थे। पीके का जदयू शामिल होने के साथ ही इन अटकलों पर विराम लग गया है।