प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान, बोले…

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2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए के 20-20 फार्मूला की खबर बाहर आने के बाद से एनडीए के घटक दल राष्ट्रिय लोक समता पार्टी(रालोसपा) असहज मह्सुश कर रही है। गुरुवार को रालोसपा के राष्ट्रिय महासचिव माधव आनंद ने इस फोर्मुले को सिरे से ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने ने ट्विट कर कहा था कि “मैं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की तरफ से बहुत जिम्मेदारी के साथ यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अगर बीजेपी इस प्रकार के सीट बंटवारे के फार्मूला को अपनाना चाहती हैं तो हमारी पार्टी साफ़ हैं कि हमें यह बिल्कुल अस्वीकार हैं।”

वहीं शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि एनडीए के ही कुछ लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री देखना नहीं चाहते हैं। इस मुद्दे पर विस्तार से बताना घर की बात को बाहर बताने जैसा होगा। रालोसपा मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम कर रही है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि ऐसी सिट बंटवारे को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए सहयोगी दलों के लोगों ने भी यही बात कही है।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आरक्षण से किसी वर्ग को नुकसान नहीं होता है। दक्षिण के राज्यों में सबसे ज्यादा आरक्षण है और ये राज्य ही सबसे ज्यादा विकसित हैं। आरक्षण को लेकर लोगों में गलत धारणा बनी है। बिहार के लोग विकास चाहते हैं और इसलिए गलतफहमी दूर करने की जरूरत है। हमारी पार्टी 25 सितंबर से पटना से पैगामा-ए- खीर कार्यक्रम चलाएगी। खीर बनाने की बात को गलत तरीके से प्रचारित किया गया है। हमारा मतलब समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का था। मैंने कृष्ण वंश का दूध, राम के वंश का चावल और दलति से यहां तुलसी और ब्रहर्षि के यहां के चीनी और मुसलमान के यहां से दस्तरखान की बात कही थीं।