सुशासन बाबू के सरकार में बिहार में फिर RTI कार्यकर्ता की हत्या, 6 माह में चौथी वारदात- डॉ रणजीत कुमार

RANJIT-WITH-NITISH
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जिस तरह आज कल बिहार में आरटीआइ एक्टिविस्ट की हत्या हो रही है घोर निंदनीय है सूचना पाना मौत का कारण बन रहा है. यह सरकार के लिए कलंक है कि खुलेआम आरटीआइ एक्टिविस्ट की हत्या की जा रही है.  और इसपर सरकार कुछ करते हुए दिखाई नहीं दे रही  है. हाल ही में मोतिहारी में एक आरटीआइ एक्टिविस्ट की हत्या कर दी गई उसके बाद  जमुई में एक  और आरटीआइ एक्टिविस्‍ट को मौत का घाट उतार दिया गया. 

आरटीआइ एक्टिविस्ट आज के माहौल में सच्चा सामाजिक प्रहारी है. जो नीचे मे लेकर ऊपर बैठे लोगों के करनामों का  पर्दाफाश कर रहे है.  सूचना के अधिकार के माध्यम से समाज में सरकारी लेखा जोखा की क्रिया कलापों का समाज के सामनेे उजागर कर रहे है जिससे गलत चीजों का पर्दाफाश होता है.

डॉ रंजीत कुमार का सुशासन बाबू पर हमला  

स्वराज इंडिया के बिहार प्रदेश अध्यक्ष  डॉ रणजीत कुमार ने  इसका घोर निंदा करते हुए कहा कि यह  6 माह में चौथी वारदात सामने आई है सुशासन बाबू के सरकार में  जिस तरह से बिहार में RTI  एक्टिविस्ट की हत्या हो रही है यह लोकतंत्र के लिए सही नही है .

मुश्किल में हैं RTI ACTIVIST 

बिहार में आरटीआइ एक्टिविस्ट के लिए रोज मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं सरकारी बाबू किसी भी तरह का सूचना देने में आना कानी करते हैं सही शब्दों में कहा जाए तो देने को तैयार ही नहीं होते अगर आरटीआई एक्टिविस्ट  बार-बार जानकारी के लिए उन पर कानूनी तौर पर दबाव डालते हैं तो उन्हें झूठे केस में फंसा दिया जाता है या उनकी हत्या हो जाती है.

सूचना पाना मौत का कारण 

आरटीआई एक्टिविस्ट सूचना तो मांगते है लेकिन  आयोग भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सूचना न देने की आदत से मजबूर है वह कभी सूचना प्राप्त भी कर ले तो उन्हें अपनी जान की बाजी लगानी पड़ती है. उसे या तो किसी नेता या माफियाओं के द्वारा मौत के घट उतार दिया जाता है.

 

 

 

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