शिवहर में दो सरकारी अस्पताल होने के बाबजूद उचित इलाज नही !

seohar news
मोहम्मद हसनैन की रोपोर्ट (शिवहर)-
एक भी गंभीर रूप से घायल मरीज या फिर गंभीर रोग से पीड़ित रोगी को शिवहर का सरकारी अस्पताल बचाने में सक्षम नहीं है रोगी को मुजफ्फरपुर रेफर करने का संस्थान बन कर रह गया है शिवहर का अस्पताल सब लोगों को मिलकर इस विषय पर गंभीरता से काम करने का जरूरत है क्यों गंभीर रूप से घायल मरीज का इलाज करने का रिस्क जिले के डॉक्टर नहीं लेते हैं जबकि घायल मरीज के लिए शुरुआती एक दो घंटा इलाज होना अति आवश्यक है जिला बनने के बाद अब तक सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन का सुविधा क्यों नहीं दिया जा रहा है इन सब मुद्दे पर सामाजिक संगठन के लोगों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है अलग-अलग काम करने का नुकसान यह हो रहा है की डिस्टेंस काफी तय हो रहा है लेकिन डिस्प्लेसमेंट जीरो हो जा रहा है झाड़ू से गंदगी साफ होता है हर चीज का चाहे व्यवस्था का गंदगी ही क्यों ना हो कई तिनका मिलकर झाड़ू का निर्माण करता है लेकिन जब तिनका अलग अलग हो जाए तो वह गंदगी को साफ नही कर पाएगा साथ ही साथ अधिक प्रयास से तिनका भी टूट जाएगा और गंदगी भी साफ नही होगा, युवा समाजसेवि मुकुंद प्रकाश मिश्र ने कहा के हमारे शिवहर जिले का आलम यह है कि  आज भी लोग बड़ी बिमारी होने पर मुजफ्फरपुर सीतामढी या पटना का चकर लगाना परता है शिवहर जिले वासियों को कहने को तो शिवहर जिले मे अब दो अस्पताल है , एक शिवहर सदर अस्पताल , दुसरा सरोजा सीताराम अस्पताल,पर अगर कोइ बड़ी घटनाएँ हो जाए तो मुजफ्फरपुर फ़ौरन रेफर कर दिया जाता है , इस समस्याओं से कब तक शिवहर वासियों को निजात मिलेगी
युवा समाजसेवि दिलिप पाणडे ने कहा के मरिजो को , सरकार टीबी रोगी को विशेष इलाज करता है। लेकिन शिवहर सदर में एक मरीज टीबी जाँच करवाने के लिए चक्कर काट रहा है कभी मशीन खराब तो कभी डॉक्टर नही आया यही हाल है शिवहर अस्पताल के।
Advertisement