शिवहर में मानव श्रृंखला बनाकर विरोध, पुल नहीं तो नोटा सही।

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मोहम्मद हसनैन कि रिपोर्ट

दिनोंदिन बढ़ती जा रही मानव श्रृंखला की लंबाई भंडार 22 माइल से पेट्रोल पंप तक मानव श्रृंखला निर्मित भंडार में लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी भागीदारी दर्ज करा कर यह संकल्प लिया ही खोडी पाकर अदौरी पुल के निर्माण ना होने की स्थिति में नोटा का प्रयोग करना है लोगों का कहना है इस पुल के ना बनने से हमारा विकास बाधित हो रहा है और हम अपने विकास का कल्पना नहीं कर पा रहे हैं तो अब नेतागण भी अपने वोट की कल्पना ना करें इस पुल के बिना इसी के साथ एक नई बहस छिड़ गई है

 

की जानकी पथ आखिर बन्ना किधर चाहिए था लोगों का मानना है कि जब भगवान श्री राम की बारात आई तो बारात के खान-पान की व्यवस्था का भंडारण यही हुआ था जिसके कारण इसका नाम भंडार पड़ा इस भोजन व्यवस्था में एक नए तरीके का सब्जी में प्रयोग होने वाले आइटम स्थानीय लोगों ने पेशकश की थी जो अदौरी के नाम से मशहूर है विश्व में आपने भी सुना होगा अदौरी की सब्जी कई लोग इसको मेथोड़ी भी बोलते हैं इसी कारण गांव का नाम अदौरी पड़ा मां जानकी जब अपने ससुराल जा रही थी सीमा के आखरी क्षेत्र में उन्हें खोइछा दिया गया था जिससे जगह का नाम खोइछा पाकर पङा जो आज खोडी पाकर के नाम से जाना जाता है रामायण काल में बागमती नदी को वेद मती व्यग्र मती आदि नामों से जाना जाता रहा है निश्चित रूप से जानकी पथ निर्मित यहां होनी चाहिए थी शुरुआत में सर्वे भी हुआ था लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि प्रभावशाली नेता लोग अपने प्रभाव से इस पथ को अपने क्षेत्र में खींच ले जाने में सफल रहे अब जनता जाग चुकी है भगवान को भी घूम आते रहते हैं ऐसे नेता को अब जनता गोल गोल घूम आएगी वोट के माध्यम से।
आज भंडार 22 माइल चौक से पेट्रोल पंप तक मानव शृंखला ।
लोगों ने पूल नही तो नोटा का भरा हुँकार।
दिनोंदिन लंबी होती मानव शूखला।
#अगले रविवार पचपकङी मे मानव शृंखला होगा निर्मित।
27 दिसंबर को संघर्ष टीम प्रशांत किशोर से मुलाकात को है आमंत्रित।
#आज के मानव शृंखला मे संयोजक संजय सिंह,हरिशंकर जयसवाल,राजीव जयसवाल,चंदन द्विवेदी,नवीन सिंह,शशिभूषण झा,आशूतोष ठाकुर,दीनू जी,ब्रजमोहन कुमार समेत आम जनता की हर्ष उल्लासित भागीदारी रही।