शिक्षक दिवस की सांस्कृतिक कार्यक्रम में, शिक्षक ने बच्चों को सफलता पाने का दिया मूलमंत्र !

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बरुण ठाकुर की रिपोर्ट-

कार्यक्रम का उदघाटन मिल्लत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रहमतुल्लाह, डॉ मृदुल शुक्ला , डॉ अभिषेक सर्राफ, इत्यादि लोगों ने सामुहिक दीप प्रज्वलन कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया
शिक्षक दिवस की संध्या पर “बायोलॉजी फिंगरटिप्स” द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ मृदुल शुक्ला ने कहा कि कड़ी मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है बच्चों को सफलता पाने तक लगातार मेहनत करने की जरूरत। वहीं डॉ अभिषेक सर्राफ ने बताया कि हर किसी की सफलता की नींव में एक शिक्षक की भूमिका अवश्य होती है बिना प्रेरणा के किसी भी ऊचांई तक पहुँचना असम्भव है देश की सेवा में एक डॉक्टर का रोल बहुत महत्वपूर्ण है, हमे खुशी मिलती है कि हम डॉ लोग अपने जीवन के अंत तक लोगों की सेवा करते है। वहीं मिल्लत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रहमतुल्लाह ने बताया कि अनुशासन ही व्यक्ति के जीवन और उपलब्धि के बीच की कड़ी है । ज्ञान ही व्यक्ति को इंसान बनाता है, जीने योग्य जीवन देता है, वह शिक्षक ही है जो चीर अंधकार से भी छात्रों को बाहर निकलते हैं। कार्यक्रम के गैर सरकारी संस्थानों के भी काफी शिक्षक उपस्थित थे।

teachers day

अपने स्वागत भाषण में संस्थान के निदेशक डॉ.एम.मनोहर ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में उपलब्ध संचार के अकूत संसाधन के बावजूद भी शिक्षकों की भूमिका को झुठलाया नहीं जा सकता है तकनीकी कितना भी उन्नत क्यों ना हो जाए शिक्षक के मार्गदर्शन की आवश्यकता सतत बनी रही है और बनी रहेगी ऐसा इसलिए क्योंकि शिक्षक ना केवल किताबी बातों की ही व्याख्या करते है अपितु अपने ज्ञान, विद्वता, अनुभव, से एक अप्रतीम, अद्वितीय, अपरिमेय ऊर्जा का संचार करते है जो किसी मूर्त को जागृत कर देता है, एक निरीह को राजा बना देता है
कार्यक्रम का मंच संचालन फहीम ने किया धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के निदेशक डॉ.एम.मनोहर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अथितियों के साथ साथ पुरे टीम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।