जो अस्पताल ‘मौत’ के बाद भी पैसे लेते है उसे जला देना चाहिए- पप्पू यादव

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वरुण ठाकुर की रिपोर्ट-

दरभंगा: जिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों के मौत के बाद ईलाज के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे अस्पतालों को जला देने का आह्वान आम लोगों से जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव ने किया है। उक्त बातें आज ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के यूरोपियन गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दरभंगा का डीएमसीएच मौत का सौदागर बना हुआ है। डीएमसीएच डरावना नाम बन गया है। उन्होंने कहा कि पटना और दरभंगा में खुले एक नामी ग्रामीण अस्पताल में सिर्फ लाशों से पैसा वसूल रहा है।

 

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वहीं उन्होंने कहा कि पिछले राजद सरकार और मौजूदा नीतीश सरकार ने सरकारी अस्पतालों को अपने निचले स्तर तक पहुंचा दिया है। अस्पतालों में 60 फीसद डॉक्टर नहीं है। वहीं पटना में खुले एम्स में 80 फीसद डॉक्टर नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि डॉक्टर भगवान नहीं है। उन पर भी 302 का मुकदमा होना चाहिए। श्री यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि अगर किसी जिले में शराब का कारोबार हो रहा है, तो वहां के डीएम, एसपी और मंत्री पर भी कारवाई होना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि 17 शेल्टर होम की जांच पर मुहर सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी है। उन्होंने कहा कि मधुबनी शेल्टर होम की सपोर्ट करने वालों में पक्ष और विपक्ष दोनों के लोग शामिल थे। उन्होंने अभियुक्तों के फांसी की मांग भी की। श्री यादव ने कहा कि आज दरभंगा एयरपोर्ट को लेकर कई नेता अपनी वाह-वाही लूटने में लगे हुए हैं, लेकिन उन्होंने 21 बार लोकसभा में एयरपोर्ट का मामला उठाया था। वहीं उन्होंने कहा कि दरभंगा में बन रहे एम्स का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन बिहार में चार एम्स की बात वह हमेशा करते रहेंगे। भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज वे लोग नफरत की चीजों की मार्केटिंग कर रहे हैं।