दो दिवसीय वाचस्पति पर्व समारोह की तयारी जोरों पर

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दो दिवसीय वाचस्पति पर्व समारोह सोलह सत्रह मार्च को ठाढ़ी स्थित उनके स्मृति स्थल पर धूमधाम से मनाया जायेगा। ये समारोह भामती वाचस्पति स्मारक निर्माण समिति के तत्त्वावधान मे आयोजित किया जायेगा। समारोह के आयोजन की सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। इस बात की जानकारी देते हुए आयोजक समिति ने बताया कि समारोह वाचस्पति स्मारक उद्यान परिसर मे विभिन्न सत्रों में मनाया जायेगा। संस्थान के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिवसीय स्मृति पर्व समारोह में सूबे के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री और जिलाधिकारी को भी आमंत्रित किया गया है।

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कौन थे षडदर्शन टीकाकार पं वाचस्पति मिश्र: बताते चले की वाचस्पति मिश्र ठाढ़ी गांव के थे और यही रहकर उन्होंने न्याय वेदांत सांख्य योग एवं मीमांसा पर विश्व प्रसिद्ध भामती टीका सहित आठ पुस्तके लिखी थी। जनश्रुति है कि देव गुरु बृहस्पति के पुत्र कच वाचस्पति से शिक्षा लेने यहां आए थे। वर्षो पूर्व पूरी के शंकराचार्य ठाढ़ी स्थित उनके जन्मडीह पर आकर ग्रामवासियों को स्मारक निर्माण करने की प्रेरणा दी थी। उनके प्रेरणा से गांव के लोगों ने एक समिति बनाकर उनकी मूर्ति लगाने की कवायद शुरू की थी। किंबदंती है की मिश्रायन पोखर के बगल में वाचस्पति डीह है। आज भी अंधरा ठाढ़ी के ब्राह्मणों में उसी डीह के मिट्टी से बच्चे का अक्षर आरम्भ करवाने की परम्परा कायम है।

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समारोह में देश प्रदेश के दर्जनों मूर्धन्य विद्वानों सहित सहित दर्जनों कवि, विद्वान, राजनीतिक सामाजिक लोग और प्रशासनिक अधिकारियों के भाग लेने की सम्भावना है। समारोह के प्रथम सत्र मे वाचस्पति मिश्र की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप-प्रज्वलन, दूसरे सत्र में वाचस्पति मिश्रक के कृतित्व और ग्रंथो पर विद्वत चर्चा और तीसरे सत्र मे कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर कई लोकप्रिय मैथिली गायकों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा।

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